एक कहानी आप के लिए (भाग-४)
ए क खेत मैं सारस पक्षी का एक जोड़ा रहता था | वहीँ उनके अंडे थे | समय पर अण्डों से बच्चे निकले , लेकिन बच्चों के बड़े होकर उड़ने योग्य होने से पहले ही खेत की फ्हसल पक गई | सारस बड़ी चिंता मैं पड़ गए | किसान खेत काटने आये , इससे पहले ही बच्चों के साथ उसे वहां से चले जाना चाहिए पर बच्चे उड़ नहीं सकते थे | सारस ने बच्चों से कहा -"हमारे न रहने पर यदि कोई खेत के पास आये तो उसकी बात सुनकर यद् रखना" | एक दिन जब सारस शाम को लौटा तो बच्चों ने कहा की आज किसान आया था | वह खेत के चरों और घूमता रहा | वह कह रहा था की खेत अब काटने योग्य हो गया | आज चलकर गाँव के लोगों से कहूँगा कि वे मेरा खेत कटवा दे | सारस ने कहा- "तुम लोग दरो मत | खेत अभी नहीं कटेगा "| कई दिन बाद जब एक दिन सारस शाम को बच्चों के पास आया तो बच्चे बहुत घबराये हुए कहने लगे कि आज किसान फिर आया था | वह कहता था की गाँव के लोग बड़े स्वार्थी हैं | कल मैं अपने भाइयों को भेजकर खेत कटवा लोंगा | सारस बच्चों के पास बैठा और बोला -"अभी तो खेत नहीं कटेगा | अभी डरने की आवश्यकता नहीं है |" इस तरह कई दिन और बीत गए थे | एक ...